
शिक्षक और विद्यार्थियों का ऐतिहासिक पर्यटन—सीताबेंगरा गुफा व रामगढ़ पहाड़ी का मनमोहक भ्रमण
रिपोर्ट : गनपत सिंह मरावी
कोटा। शासकीय हाई स्कूल बानाबेल के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बुधवार को एक यादगार एवं ज्ञानवर्धक ऐतिहासिक भ्रमण किया। इस शैक्षणिक यात्रा में विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने-समझने का अवसर पाया।
विद्यार्थी दल सूरजपुर जिले के उदयपुर विकासखंड स्थित रामगढ़ पहाड़ी पहुँचा, जिसे विश्व की सबसे प्राचीन नाट्यशाला होने का गौरव प्राप्त है। इसी पहाड़ी पर स्थित सीताबेंगरा गुफा का विशेष महत्व है। माना जाता है कि भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ने वनवास के दौरान कुछ समय इसी गुफा में बिताया था। साथ ही, जनमानस की मान्यता है कि महान कवि कालीदास ने अपनी अमर कृति “मेघदूत” की रचना भी यहीं की थी।
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को बताया कि छत्तीसगढ़ ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहरों से समृद्ध प्रदेश है। यहाँ की रमणीय पहाड़ियाँ, घने जंगल, झरने, नदियाँ, बाँध और विविध वन्य जीव प्रदेश को विशेष पहचान दिलाते हैं। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने प्रकृति और इतिहास दोनों के प्रति उत्सुकता दिखाई।
ऐसे शैक्षणिक भ्रमणों से विद्यार्थियों को किताबों में दर्ज जानकारियों का प्रत्यक्ष अनुभव मिलता है। शिक्षकों ने कहा कि इस तरह के दौरे छात्रों में जिज्ञासा, समझ और दृष्टिकोण का विस्तार करते हैं और जीवन में आगे चलकर पूछे जाने वाले कई महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर इसी अनुभव से मिल जाते हैं।
विद्यार्थियों ने इस यात्रा को यादगार बताते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे भ्रमण होते रहें, जिससे सीखने का दायरा और भी व्यापक हो सके। शिक्षकों का मानना है कि इस प्रकार के अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करते हैं।





